राष्ट्रीय सनातन पार्टी : भारत के पुनर्जागरण की हुंकार!
हम एक सुरक्षित, आत्मनिर्भर, संस्कारवान और समृद्ध भारत के लिए संघर्षरत हैं – अपनी सनातन संस्कृति की रक्षा और उत्थान के लिए हमसे जुड़ें, सहयोग करें, और व्यवस्था परिवर्तन का हिस्सा बनें!
राष्ट्रीय सनातन पार्टी : भारत के पुनर्निर्माण की क्रान्ति !
संविधान में बौद्ध, ईसाईं व मुसलमानों के मत/मजहब के समान सनातन धर्म को संवैधानिक संरक्षण प्रदान करके बहुसंख्यक सनातनी हिन्दू समाज के धन, धर्म और जीवन की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्यरत भारत की एकमात्र राजनीतिक पार्टी
राष्ट्रीय सनातन पार्टी सनातन मूल्यों की रक्षा करते हुए भारत को संसार का सबसे शक्तिशाली व सम्पन्न राष्ट्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री विश्वजीत सिंह अनंत जी राष्ट्रीय सनातन पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष हैं।
हम उन राष्ट्र भक्तों का आह्वान करते हैं जो भारत को एक शक्तिशाली, आत्मनिर्भर, समृद्ध और संस्कारवान राष्ट्र बनाए। हमारा उद्देश्य है—एक ऐसी व्यवस्था की स्थापना जो हर नागरिक को उसकी गरिमा, समान अवसर और सुरक्षा प्रदान करे।
पहला संकल्प
राष्ट्रीय सनातन पार्टी संविधान में संशोधन करके सनातन धर्म को मत (रिलीजन) की मान्यता देगी। गैर हिन्दू मतों के समान सनातन धर्म को संवैधानिक संरक्षण प्रदान किया जायेगा, तथा भारत को संसार भर के हिन्दुओं का नैसर्गिक राष्ट्र घोषित करके उनके लिए नागरिकता का मार्ग खोला जायेगा।
द्वितीय संकल्प
हिन्दू नरसंहार एवं जनसांख्यिकी परिवर्तन को भारत की राजसत्ता के विरुद्ध किया गया अपराध माना जायेगा, जिसके लिए मृत्युदंड का प्रावधान कानून द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। सनातन धर्म और इसके सांस्कृतिक आदर्शो का अपमान, राष्ट्र का अपमान माना जायेगा,और ऐसा करने वालों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
तृतीय संकल्प
संविधान में संशोधन कर केवल यहूदी व पारसी मतों को अल्पसंख्यक माना जायेगा। बौद्ध, जैन, सिक्ख भारतीय मत है, तथा ईसाई एवं मुसलमान मत वालों की जनसंख्या 2% से अधिक है, इसलिए इनका अल्पसंख्यक विशेषाधिकार समाप्त किया जायेगा।
चतुर्थ संकल्प
जातिवाद को असंवैधानिक घोषित किया जायेगा, शासकीय महत्व के सभी अभिलेखों पर जाति का उल्लेख प्रतिबंधित किया जायेगा।
पंचम संकल्प
मंदिर एक्ट तथा हिन्दू मन्दिर प्रबंधक बोर्ड बनाकर सनातनी मंदिरों की संपत्ति को सुरक्षित किया जायेगा। हिन्दू मठ मंदिरों की संपत्ति केवल सनातन हित में उपयोग की जा सकेंगी। सभी बडे मंदिरों में देवालय के साथ ही गुरुकुल, अन्नक्षेत्र, जलाशय, चिकित्सालय व गौशाला संचालन की व्यवस्था की जायेगी। मंदिरों के चढ़ावे से गरीब सनातनी हिन्दुओं को आर्थिक सहायता दी जायेगी, जिससे धर्मांतरण रुकेगा और सनातन एकता स्थापित होगी।
षष्ठ संकल्प
गौवंश की हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जायेगा। केन्द्रीय गौवंश मंत्रालय गठित करके स्वदेशी गौवंश के संरक्षण एवं प्रोत्साहन की नीतियां बनाई जाएगी। गौवंश को अर्थव्यवस्था से जोड़ा जायेगा, जिससे गौवंश तो बचेगा ही, साथ ही भारत के किसान भी सम्पन्न हो जायेगे। किसान आयोग का पुनर्गठन किया जायेगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीदना अनिवार्य किया जायेगा।
सप्तम संकल्प
वक्फ बोर्ड व पूजा स्थल अधिनियम को समाप्त किया जायेगा। मुस्लिम पर्सनल लॉ एवं मदरसा शिक्षा को प्रतिबंधित किया जायेगा। ईसाई चर्चो को निन्यानवे साल की लीज पर दी गई भूमि को वापस लिया जायेगा। संविधान की समीक्षा कर सनातन संस्कृति एवं सभ्यता को हानि पहुंचाने वाले अनुच्छेद, कानून एवं धाराओं को निरस्त किया जायेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून, अर्थ, कृषि व सैन्य व्यवस्था का पूर्ण भारतीयकरण व स्वदेशीकरण किया जायेगा।
हमारा समर्थन करें, हमसे जुड़ें
हमारे इन सप्त संकल्पों के महान कार्य को पूरा करने के लिए हमें आपके समर्थन की आवश्यकता है। कृपया राष्ट्रीय सनातन पार्टी से जुड़ें- हमारी शक्ति बनें।
हमारी महत्वपूर्ण कार्ययोजनाएं
राजनीतिक व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन का संकल्प!
राष्ट्रीय सनातन पार्टी लाएगी जवाबदेह, पारदर्शी और जनहितकारी राजनीति।
राष्ट्रीय सनातन पार्टी की शिक्षा नीति
संस्कारयुक्त, आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी भारत के लिए परिवर्तनकारी शिक्षा क्रांति!
स्वास्थ्य सबका अधिकार – राष्ट्रीय सनातन पार्टी का संकल्प
हर नागरिक को सस्ती, सुरक्षित और समान चिकित्सा सेवा सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य है।
भारत को केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सनातन दृष्टि से भी अखंड और जागृत बनाना ही राष्ट्रीय सनातन पार्टी का लक्ष्य है।
राष्ट्र को समृद्धि की ओर ले जाने वाली अर्थनीति – राष्ट्रीय सनातन पार्टी की आर्थिक दिशा और संकल्प
ग्रामोन्मुख कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नवोत्थान — राष्ट्रीय सनातन पार्टी का संकल्प
सुरक्षित भारत, सशक्त सैन्य व्यवस्था — राष्ट्रीय सनातन पार्टी का दृढ़ संकल्प
राष्ट्रीय सनातन पार्टी के राजनैतिक चिंतन का आधार
हम उस भारत की कल्पना करते हैं, जिसकी नींव सम्राट पृथु के गौरव, सम्राट विक्रमादित्य के न्याय, आचार्य चाणक्य की रणनीति, महाराणा प्रताप की दृढ़ता, महाराजा सूरजमल की अजेयता, छत्रपति शिवाजी की स्वराज्य भावना और गुरु गोविन्द सिंह की बलिदान चेतना से बनी थी।
यह वही भारत है जिसकी आत्मा में मेवाड़ की वीरांगना हाड़ी रानी का त्याग है,
राजा सुहेलदेव की राष्ट्ररक्षा है, आदि शंकराचार्य और स्वामी दयानन्द का बौद्धिक तेज है,
ललितादित्य मुक्तापीड और कृष्णदेव राय की सांस्कृतिक समृद्धि है,
महर्षि वाल्मीकि से लेकर संत रविदास और महर्षि अरविंद तक का आध्यात्मिक योगदान है।
यह भारत नेताजी सुभाष, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, राम प्रसाद बिस्मिल, रानी लक्ष्मीबाई, देवी अहिल्याबाई और बिरसा मुंडा जैसे असंख्य क्रांतिकारियों के स्वप्नों का भारत है — जो केवल स्वतंत्र ही नहीं, आत्मनिर्भर, गौरवशाली और सनातन मूल्यों पर आधारित हो।
राष्ट्रीय सनातन पार्टी का संकल्प है —
केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, व्यवस्था परिवर्तन। केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, संपूर्ण जीवन-व्यवस्था का भारतीयकरण।
यदि आप भी चाहते हैं –
एक स्वाभिमानी भारत,
एक सत्यनिष्ठ शासन,
एक सनातन संस्कृति पर आधारित समाज,
तो आइए, हमारे साथ इस व्यवस्था परिवर्तन के महान कार्य में सहभागी बनिए।
यह केवल एक चुनाव नहीं, भारत के पुनर्जागरण का अभियान है।
हमारा लक्ष्य – सनातन पुनर्जागरण का संकल्प
राष्ट्रीय सनातन पार्टी का परम उद्देश्य सनातन सभ्यता और संस्कृति के मूल मूल्यों की रक्षा करना है — चाहे वह खतरा बाहरी हो या आंतरिक।
हम एक ऐसे सशक्त भारत का निर्माण करना चाहते हैं—
जहाँ शासन प्रणाली भारतीय चिंतन और न्याय आधारित हो,
जहाँ शासन न केवल प्रभावशाली हो, बल्कि सनातन मूल्यों का संवाहक भी हो,
जहाँ प्रत्येक नागरिक बिना किसी भेदभाव के, न्याय, अवसर और गरिमा के साथ अपने सपनों को साकार कर सके।
राष्ट्रीय सनातन पार्टी हर उस व्यक्ति की पार्टी है जो भारत की सांस्कृतिक आत्मा से प्रेम करता है — हर सनातनी की पार्टी।
हमारा आह्वान है — आइए, इस धर्मयुद्ध में सहभागी बनिए,
इस पुनर्जागरण यज्ञ में आहुति दीजिए,
हम सब मिलकर एक शक्तिशाली, सांस्कृतिक, आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करें।
यह केवल एक राजनीति नहीं, यह सनातन का पुनर्जन्म है।
हमारी योजना – सम्पूर्ण राजनैतिक क्रांति की दिशा में
राष्ट्रीय सनातन पार्टी का ध्येय है –
भारत में एक सम्पूर्ण राजनैतिक क्रांति, जहाँ राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का साधन न होकर जनसेवा, शुचिता, और संस्कृति की रक्षा का माध्यम बने।
हमारी प्रमुख रणनीति:
राजनीति में प्रतिभा को स्थान:
हम चाहते हैं कि प्रत्येक प्रतिभाशाली नागरिक राजनीति में आकर अपनी योग्यता और राष्ट्रभक्ति के साथ भूमिका निभाए।
राष्ट्रीय विस्तार अभियान:
भारत के सभी 28 राज्य और 8 केन्द्र शासित प्रदेशों में पार्टी का विस्तार कर रहे हैं।
साथ ही, सभी 543 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों और विधानसभाओं में राजनीतिक साक्षात्कार आयोजित किए जा रहे हैं।
वर्ष 2029 का लक्ष्य:
हमारा संकल्प है कि 2029 के आम चुनाव में हम सभी सीटों पर चुनाव लड़ें, पूर्ण बहुमत प्राप्त करें, और एक ऐसी सरकार बनाएं जो राजनैतिक शुचिता के साथ सम्पूर्ण व्यवस्था परिवर्तन कर सके।
सनातन धर्म को संवैधानिक संरक्षण:
सरकार बनने के बाद हम सनातन धर्म और जीवन पद्धति को संविधानिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए ठोस विधायी कदम उठाएंगे।
यह केवल एक चुनावी लड़ाई नहीं है, यह सनातन की पुनर्स्थापना का संग्राम है।
उपयोगिता – राष्ट्रहित में समर्पित राजनीति
राष्ट्रीय सनातन पार्टी का ध्येय वाक्य है – “राष्ट्रहित सर्वोपरि”,
जिसका आशय है कि हमारी पार्टी और भावी सरकार द्वारा लिया गया हर निर्णय निजी, जातीय, धार्मिक या क्षेत्रीय लाभ से ऊपर उठकर, केवल राष्ट्र के व्यापक हित में होगा।
प्रमुख उपयोगिताएँ:
समानता आधारित निर्णय प्रणाली:
प्रत्येक नीति निर्णय समानता के संवैधानिक सिद्धांतों पर आधारित होगा।
कानूनी सुधार:
भारत में प्रचलित बहुविधानों (बहुविवाह, धार्मिक कानून आदि) को हटाकर एकरूप संविधान लागू किया जाएगा।
औपनिवेशिक काल के विदेशी कानूनों को समाप्त कर, स्वदेशी दंड संहिता तैयार की जाएगी।
प्रशासनिक परिवर्तन:
अप्रत्यक्ष लोकतंत्र को प्रत्यक्ष लोकतंत्र में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे आम नागरिक नीति निर्माण में भागीदार बन सके।
सभी भारतीयों को अधिकार आधारित शासन प्रणाली के अंतर्गत उनकी सम्मानजनक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
राष्ट्रनिर्माण का उद्देश्य:
भूख, भय, अभाव, अशिक्षा, असुरक्षा और बेरोजगारी से मुक्त स्वस्थ, समृद्ध, सशक्त एवं संस्कारवान भारत का पुनर्निर्माण।
राष्ट्रीय सनातन पार्टी
“एक पहल देश को जगाने की, राष्ट्र को बचाने की।”
राष्ट्रहित में पांच कानून बनाएंगी राष्ट्रीय सनातन पार्टी :
1. एक देश – एक पाठ्यक्रम 2. एक देश – एक शिक्षा बोर्ड 3. एक देश – एक दंड संहिता
4. एक देश – एक कर संहिता 5.एक देश – एक नागरिक संहिता।
हमारा संकल्प
बहु विधान नहीं, संविधान चाहिए।
विदेशी नहीं, स्वदेशी व्यवस्था चाहिए।
हमारा लक्ष्य
सम्पूर्ण व्यवस्था परिवर्तन
राजनैतिक शुचिता की स्थापना
सनातन संस्कृति को संवैधानिक संरक्षण
आइये, जुड़िए राष्ट्रीय सनातन पार्टी के साथ –
भारत के पुनर्जागरण, पुनर्निर्माण और स्वाभिमान के यज्ञ में सहभागी बनिए।
राष्ट्रीय सनातन पार्टी के संकल्प में सहभागी बनें, “राष्ट्रहित सर्वोपरि” के मंत्र को साकार करें।
राष्ट्रीय सनातन पार्टी की सदस्यता – राष्ट्र निर्माण में आपका पहला कदम
सदस्य
राजनीतिक समझ को विकसित करें, अपनी पहचान बनाएं और राजनीति करने के लिए आगे बढ़ें।
सक्रिय सदस्य
सक्रिय सदस्य बनकर अपनी टीम गठित करें और राष्ट्रीय सनातन पार्टी में विभिन्न स्तरों पर पदाधिकारी बनने की योग्यता प्राप्त करें।
नेता
नेतृत्व चयन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करें, और जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदाधिकारी बनें।
प्रत्याशी
राष्ट्रीय सनातन पार्टी को सशक्त बनाए और साक्षात्कार सफलतापूर्वक पूरा करके प्रत्याशी बनें।
दान एवं सहयोग करें
सनातन की रक्षा हेतु राष्ट्र यज्ञ में सहभागी बनें
हम भारत के सनातनी समाज की आवाज हैं। लक्ष्य विशाल है और हमारे प्रतिद्वंद्वी अच्छी तरह से मजबूत हैं, हमारी लड़ाई कठिन है। राष्ट्रीय सनातन पार्टी एकमात्र सनातनी पार्टी हैं जो भारतीय राजनीति के क्षेत्र में सनातन सभ्यता को बचाने के लिए बिना किसी समझौते के संघर्ष कर रही है। इस प्रयास के लिए आप सभी से उदार वित्तीय सहायता की आवश्यकता है क्योंकि हम सनातनी सभ्यता के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रयासरत हैं। दान एवं सहयोग करके राष्ट्र यज्ञ का हिस्सा बनें राष्ट्रीय सनातन पार्टी केवल एक पार्टी नहीं है, यह स्वतंत्र भारत के राजनैतिक इतिहास का सबसे बड़ा यज्ञ है। रु. 100, 500, 1,000, 2,000, 5,000, 10,000 का मासिक अथवा वार्षिक योगदान करके सनातन की आवाज को मजबूत बनाएं। दान एवं सहयोग करने के लिए हमसे 9410073474 पर वाट्सऐप द्वारा संपर्क करें।
राष्ट्रीय सनातन पार्टी
विशेष निवेदन :
राष्ट्रीय सनातन पार्टी से जुडकर राजनीतिक कार्य करने के इच्छुक साथी ध्यान दें कि "राष्ट्रीय सनातन पार्टी स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान भारत में ब्रिटिश ईसाई शासन का समर्थक करने वाले लोगो को देश व समाज का अपराधी मानती है। चाहे ज्योतिबा फुल्ले हो, श्यामाप्रसाद मुखर्जी हो, भीमराव अंबेडकर हो, पेरियार हो, अथवा कोई अन्य हो, जो भी व्यक्ति भारत की स्वतंत्रता का विरोधी था, वो हमारा नहीं हो सकता।" ब्रिटिश ईसाई शासन द्वारा गढ़े गए फेक नैरेटिव को तथा झूठे नायकों को राष्ट्रीय सनातन पार्टी स्वीकार नहीं करेगी। इस विषय में पार्टी ने भारत सरकार को ज्ञापन सौंपा हुआ है। यदि आप भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते है, तो ही राष्ट्रीय सनातन पार्टी से जुड़े। राष्ट्रीय सनातन पार्टी से जुड़कर कार्य करने के लिए हमसे 9410073474 पर वाट्सऐप द्वारा संपर्क करें।
"एष: सनातन संस्कृतिस्य संवाहकम्" ये हैं सनातन संस्कृति के संवाहक
लोकसभा चुनाव मिशन 2029
हमारे लोकतंत्र में चुने गए प्रतिनिधियों का महत्व अत्यधिक है, क्योंकि यह वे ही लोग होते हैं जो सरकार चलाते हैं और व्यवस्था स्थापित करते हैं। लेकिन हाल के समय में यह देखा गया है कि अधिकांश चुनाव जीतने वाले नेता समाज की सेवा के बजाय अपने निजी स्वार्थों को ही प्राथमिकता देते हैं। इसी कारण राजनीति में तुष्टिकरण की प्रवृत्तियाँ बढ़ी हैं, जो देश के विकास और समृद्धि के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई हैं।
वर्तमान स्थिति में, योजनाएं जाति, धर्म और अन्य विभाजन के आधार पर बनती हैं, और इसके परिणामस्वरूप कुछ वर्गों को उनका हक नहीं मिल पाता। इस परिप्रेक्ष्य में, आवश्यक है कि राजनीति में केवल तुष्टिकरण से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले लोग आएं, जो समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने के लिए काम करें। हमें ऐसे नेताओं की आवश्यकता है, जिनका उद्देश्य सिर्फ सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक मजबूत, समृद्ध और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना करना हो।
विधानसभा चुनाव 2027
सनातन अधिकार यात्रा
सनातन संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्द्धन करने तथा उसे संवैधानिक संरक्षण दिलाने को लेकर राष्ट्रीय सनातन पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा देशभर में सनातन विजय यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है।
हमारा उद्देश्य:
सनातन धर्म को संविधान में मान्यता दिलाना।
देशभर में सनातन धर्म की संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों का संरक्षण करना।
सनातन धर्म को एक मान्यता प्राप्त धर्म (रिलीजन) के रूप में मान्यता दिलाना, जैसे बौद्ध, ईसाई और मुस्लिम धर्मों को प्राप्त है।
आप कैसे सहभागी बन सकते हैं:
- राष्ट्रीय सनातन पार्टी की सदस्यता लें।
- अपने क्षेत्र में सनातन विजय यात्रा का आयोजन करें। इस यात्रा में हिस्सा लेकर आप सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में योगदान दे सकते हैं।
- इस अभियान में भागीदार बनकर अपने समाज को जागरूक करें और सनातन धर्म को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार दिलाने के लिए इस यात्रा का हिस्सा बनें।
राष्ट्रीय सनातन पार्टी का संकल्प:
जब हम सत्ता में आएंगे, तो सनातन धर्म को अन्य धर्मों की तरह संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त धर्म का दर्जा मिलेगा।
हम सनातन धर्म को संवैधानिक संरक्षण प्रदान करेंगे, ताकि इसकी संस्कृति और परंपराएँ हमेशा सुरक्षित रहें।
आइये, इस सनातन अधिकार यात्रा में शामिल होकर भारत के गौरवपूर्ण इतिहास और संस्कृति की रक्षा करने का संकल्प लें।
आपसे अनुरोध है – इस राष्ट्रयज्ञ में आर्थिक योगदान देकर सनातन की रक्षा के इस पुनीत कार्य में भागीदार बनें।
यह पार्टी नहीं, यह भारत के पुनर्जागरण की क्रांति है।
यह केवल राजनीति नहीं, यह धर्म, संस्कृति, न्याय और राष्ट्र पुनर्निर्माण का महायज्ञ है।
आइए, मिलकर संकल्प लें –
सनातन की रक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
त्याग, तपस्या और सहयोग से नवभारत की रचना करेंगे।
